नौकराशाह, अर्थशास्त्री और भारत के प्रधानमंत्री जैसे ओहदो पर रहने के बावजूद यूपीए सरकार के मुखिया मनमोहन सिंह की “खालिश सियासी शख्स” की छवि नही बन पाई....विपक्ष और सत्ता के गलियारों को तो छोड़ दीजिए गली मुहल्लों चौक चौराहों पर होने वाली आम आदमी की चर्चा, बहस और मुबाहिसो में भी मनमोहन सिंह एक “विशेष छवि” से बाहर नही निकल पाये। लेकिन 10 साल तक हिन्दुस्तान की सत्ता पर काबिज रहने के बावजूद “खालिश सियासी शख्स” की छवि नही बन पाई उनकी। लेकिन कल अपनी प्रेस कांफ्रेन्स में मनमोहन सिंह ने नरेन्द्र मोदी पर जिस तरीके से निशाना साधा वो चौकाने वाला था। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को ऐसे तेवर में कभी कोई नही सुना था। मनमोहन सिंह ने कहा कि अगर मोदी पीएम बनते है तो तो वो देश के लिए विनाशकारी होगा। इस मौके पर मुझे मुनव्वर राणा साहब का एक शेर याद आया.........
सियासी आदमी की शक्ल तो प्यारी निकलती है,
मगर जब मुंह खोलता है तो चिंगारी निकलती है।
आज मै कह सकता हूं.....अपने रिटायरमेंट से पहले मनमोहन सिंह “खालिश सियासी शख्स” हो गये है।
सियासी आदमी की शक्ल तो प्यारी निकलती है,
मगर जब मुंह खोलता है तो चिंगारी निकलती है।
आज मै कह सकता हूं.....अपने रिटायरमेंट से पहले मनमोहन सिंह “खालिश सियासी शख्स” हो गये है।


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