

भोपाल में एक हिंदू लड़की प्रियंका और मुसलिम लड़के उमर के बीच विवाह के बाद जो हंगामा हुआ उस पर मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने बहुत ही अच्छा निर्णय लिया। कट्टरपंथियों द्वारा खड़े किये इस विवाद का मियां बीबी राजी तो क्या करेगा काजी की तर्ज पर पटाक्षेप हो गया। कोर्ट ने भोपाल पुलिस को नवविवाहित दंपत्तिऔर उनके परिवारजनों को समुचित सुरक्षा मुहैया कराने के लिए कहा है। उधर इस विवाह के विरोध में धर्म के ठेकेदारों ने बुधवार को भोपाल में चार-पांच स्थानों पर धरना प्रदर्शन किया। इस संबंध में लड़की के परिवारजनों ने उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट पुलिस में दर्ज कराई है। भोपाल के कोहेफिजा थाना अंतर्गत एक बिल्डर की पुत्री प्रियंका ने एक मुसलिम युवक उमर के साथ घर से भाग कर शादी कर ली। इसके बाद लड़की के परिवारजनों की ओर से पुलिस में गत दो अप्रैल को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसके बाद युवक के परिवारजनों से पूछताछ के नाम पर पुलिस पुलिस द्वारा उन्हें प्रताड़ित करने की बात खुलकर सामने आयी। हालांकि पुलिस ने इससे इनकार किया है। उधर प्रियंका और उमर बुधवार को मुंबई में मीडिया से मुखातिब हुये और उन्होंने प्रेम विवाह की बात स्वीकारते हुए कहा कि दोनों बालिग हैं और उन्होंने राजीखुशी यह फैसला किया। इसमें किसी का कोई दबाव या हस्तक्षेप नहीं है। अब उन धर्म के ठेकेदारों को चेत जाना चाहिए कि किसी के नीजी जीवन में हस्तक्षेप का किसी को आधिकार नही है।

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